अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने अपनी फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है. जिसमें कहा गया है कि सुशांत की मौत की वजह खुदकुशी थी. इसके साथ ही यह सनसनीखेज खुलासा भी हुआ है कि सुशांत की मौत पर फर्जी खबरें प्रचारित करने के लिए सोशल मीडिया पर 80 हजार से ज्यादा फेक अकाउंट खोले गए थे.

मुंबई पुलिस को जानकारी मिली है कि 14 जून को सुशांत की मौत के फौरन बाद 80 हजार से ज्यादा फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स बनाए गए, ताकि मुंबई पुलिस की जांच और महाराष्ट्र सरकार को बदनाम किया जा सके.

मुंबई और महाराष्ट्र पुलिस को बदनाम करने की साजिश का खुलासा करने के लिए महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मामले के जांच के आदेश दिये हैं. इसके साथ ही, उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से माफी की मांग की है. उन्होंने कहा कि कुछ टीवी चैनल इस साजिश में सबसे आगे थे.

अनिल देशमुख ने कहा कि मुंबई पुलिस की क्राइम और साइबर क्राइम मामले की जांच करेगी. जानकारी के मुताबिक मुंबई पुलिस की साइबर यूनिट ने पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें कहा गया है कि सुशांत मामले में राज्य की पुलिस को बदनाम करने के लिए नौ देशों से सोशल मीडिया लगभग 80 हजार फेक अकाउंट्स बनाए गए थे.

मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने साइबर सेल से कहा है कि वे ऐसे मामलों को आईटी एक्ट के तहत दर्ज कर उसकी जांच करे. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि यह जानबूझकर चलाया गया अभियान था, ताकि मुंबई पुलिस की छवि और जांच दोनों को बिगाड़ा जा सके. इसके लिए सोशल मीडिया पर हजारों फर्जी अकाउंट्स बनाए गए थे. हमारे साइबर सेल इस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं और जो दोषी पाए जाएंगे, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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