छत्तीसगढ़

तेलंगाना से अपने घर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में लौट रही एक 12 साल की बच्ची मंजिल पर पहुंचने से पहले ही मौत के मुंह में पहुंच गई। कड़ी धूप में पैदल चलने की वजह से उसके शरीर में पानी की कमी हो गई जिससे डिहाइड्रेशन से उसकी मौत हो गई। इस बारे में ऑफिशियल जानकारी सोमवार को निकल कर सामने आई।

एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन के दौरान तेलंगाना से वापस बीजापुर लौटते समय सौ किलोमीटर पैदल चलने के बाद बच्ची की मौत हुई। गांव के ही कुछ लोगों के साथ वह तेलंगाना में मिर्ची के खेतों में काम करने गई थी। बीजापुर जिले के अधिकारियों ने 20 अप्रैल को बताया कि शनिवार 18 अप्रैल को तेलंगाना से मजदूरों का एक दल पैदल बीजापुर आ रहा था। दल जब जिले के भंडारपाल गांव के करीब था तब 12 वर्षीय बालिका जमलो मड़कम की मौत हो गई।

करीब 100 किमी का जंगली सफर तय कर प्रवासी मजदूरों का दल 18 अप्रैल को बीजापुर के मोदकपाल तक पहुंचा था। इसी दौरान जमलो कि मौत हो गई। प्रशासन ने बच्ची के शव को अलग रखवा दिया है। वहीं मजदूरों को भी क्वारैंटाइन किया गया है। मजदूरों ने बच्ची के परिजनों को सूचना दी। इकलौती बेटी की मौत की खबर मिलने पर पिता आंदोराम मडकम और मां सुकमती मडकम जिला अस्तपाल पहुंचे।

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