पाकिस्तान में मॉनसून की शुरुआत के बाद से पिछले दो महीने से अधिक समय में बारिश संबंधी घटनाओं में 300 से अधिक लोगों की मौत हुई है और 239 अन्य घायल हुए हैं. मरने वालों में 100 से अधिक बच्चे शामिल हैं. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने यह जानकारी दी.

पाकिस्तान में हर साल मॉनसून के दौरान लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और इस दौरान बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान होता है. जून-जुलाई से लेकर सितंबर तक पाकिस्तान में मॉनसून का मौसम रहता है.
देश में इस समय कोरोना का भी कहर है और अब तक तीन लाख से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं तथा 6,377 लोगों की मौत हो चुकी है.

पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शनिवार को बताया कि मौसमी बारिश के कारण अब तक 310 लोगों की मौत हुई है. इनमें 135 पुरुष, 107 बच्चे और 70 महिलाएं शामिल हैं.

प्राधिकरण के आंकड़ों के हवाले से मीडिया में आयी खबर के अनुसार इससे सर्वाधिक प्रभावित सिंध प्रांत है जहां 136 लोगों की मौत हुई है. इसके बाद खैबर पख्तूनख्वा में 116, बलूचिस्तान में 21, पंजाब में 16, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 12, गिलगित बाल्टिस्तान में 11 लोगों की मौत हुई है. इसमें कहा गया है कि बरसात संबंधी घटनाओं में 239 लोग घायल हुए हैं, जिनमें छह महिलाएं, 41 बच्चे और 142 पुरुष शामिल हैं.

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने पिछले महीने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि पाकिस्तान के पास न तो मौसम की भविष्यवाणी करने वाली प्रणाली है और न ही समय पर बाढ़ की जानकारी देने वाला और पूर्वानुमान लगाने वाला अत्याधुनिक रडार है.

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