चुनावी मौसम है. नेता प्रांत देख कर बयानबाजी कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी पर कोई बयानबाजी नहीं हो रही है. बीजेपी भी इसपर खामोश है, क्योंकि नीतीश कुमार इसके खिलाफ हैं, लेकिन अगले साल पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी ने बंगाल में CAA के मुद्दे को फिर से जिंदा कर दिया है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एलान किया है कि जल्द ही CAA लागू कर दिया जायेगा. नड्डा के इस एलान के साथ ही सीएए विरोधियों ने भी ताल ठोंक दिया है और दावा किया है कि किसी भी हाल में देश में CAA और NRC लागू होने नहीं देंगे.

मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा ने बीजेपी अध्यक्ष के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि किसी भी हाल में CAA और NRC को लागू नहीं होने दिया जाएगा.

सुमैया ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते सीएए-विरोधी आंदोलन को स्थगित किया गया था. अब CAA और NRC के खिलाफ आंदोलन और तेज करेंगे. उन्होंने कहा कि बीजेपी के बड़े नेता बयान दे रहे हैं कि कोरोना खत्म हो गया है और CAA और NRC अब लागू होगा, तो मैं भी उनकी जानकारी के लिए बता दूं कि ऐसा कुछ भी नहीं होगा.

सुमैया ने कहा कि अगर उन्होंने कोरोना के चलते CAA और NRC लागू नहीं किया था, तो हमारा आंदोलन भी इसीलिए ही रूक गया था. हमलोगों ने देश और जनता के हित के लिए आंदोलन वापस ले लिया था. उन्होंने कहा कि साफ तौर पर यह क्लियर करना चाहती हूं कि CAA और NRC इस मुल्क के लिए नहीं बना है. CAA और NRC को किसी भी हाल में लागू नहीं होने देंगे.

उन्होंने कहा कि हमने शासन और प्रशासन को लिखकर अपना आंदोलन वापस लिया था कि जैसे ही महामारी का प्रकोप खत्म होगा, हम अधिक तेजी से आंदोलन करेंगे. सुमैया ने कहा कि जिस तरीके से इन लोगों ने कोरोना काल में जनता को परेशान किया है. अब तो इस बात से साफ है कि और भी लोग इस आंदोलन से जुड़ेंगे. जो लोग पहले सोच रहे थे कि बीजेपी हमारे उत्थान के लिए सोच रही थी, अब उनके चेहरे से नकाब और आंखों पर से पर्दा हट गया है. वह समझ गए हैं कि इस पार्टी के पास हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद के अलावा कुछ भी नहीं है.

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