केन्द्र सरकार ने 24 मार्च, 2020 को देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी । लॉकडाउन की इस अवधि में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सार्वजनिक परिवहन, विमान सेवाओं सहित अन्तर्राज्यीय एवं अन्तराज्यीय आवागमन पर प्रतिबन्ध लगाए गए थे।

इन प्रतिबन्धों के कारण राजकीय कार्मिक अपने कार्यस्थलों पर उपस्थित नहीं हो सके थे, जिनके अनुपस्थिति काल को सरकार ने नियमित करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजकीय कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए कोविड-19 महामारी के दौरान देशव्यापी लॉकडाउन की अवधि में कार्यालय में उपस्थित नहीं हो पाने पर उनकी अनुपस्थिति को नियमित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने इस विषय में वित्त विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है।

प्रस्ताव के अनुसार, केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा लॉकडाउन की अवधि में कार्यस्थलों पर उपस्थित नहीं हो पाने वाले कार्मिकों की अनुपस्थिति को नियमित करने के सम्बन्ध में 28 जुलाई, 2020 को जारी दिशा-निर्देशों की तर्ज पर राजस्थान सरकार ने राजकीय कार्मिकों को भी यह राहत दी हैं।

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