भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने व्हाट्सऐप को देश में ‘चरणबद्ध तरीके से भुगतान सेवा शुरू करने की बृहस्पतिवार को अनुमति दे दी। एनपीसीआई की ओर से यह घोषणा उसके कुल यूपीआई लेनदेन में किसी तीसरे पक्ष पर केवल 30 प्रतिशत हिस्सेदारी सीमा तय करने के बाद की गई. इसका मतलब यह हुआ कि व्हाट्सऐप या उसकी प्रतिद्वंदी गूगल की गूगल पे सेवा और वालमार्ट की फोनपे सेवा यूपीआई के तहत होने वाले कुल लेनदेन में अधिकतम 30 प्रतिशत तक ही कारोबार कर पाएंगी.

भुगतान कारोबार में काम कर रही कंपनियों का मानना रहा है कि व्हाट्सऐप को भुगतान सेवा शुरू करने की अनुमति देने से भारतीय डिजिटल भुगतान क्षेत्र में भुगतान की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी. मई तक के आंकड़ों के हिसाब से देश में व्हाट्सऐप के 40 करोड़ से अधिक उपयोक्ता हैं जबकि अन्य तीसरे पक्ष की ऐप गूगल पे के 7.5 करोड़ और फोनपे के छह करोड़ उपयोक्ता हैं.

व्हाट्सऐप पिछले दो साल से पायलट आधार पर इस सेवा का संचालन कर रहा था लेकिन डेटा के स्थानीयकरण की अनिवार्यताएं पूरी नहीं करने के चलते उसे आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई. एनपीसीआई ने व्हाट्सऐप को अनुमति देने और लेनदेन की सीमा तय करने के दो अलग बयान जारी किए हैं. बयान के मुताबिक यूपीआई के तहत प्रक्रिया में होने वाली सभी लेनदेन के कुल संख्या का 30 प्रतिशत की सीमा सभी तीसरे पक्ष वाले ऐप सेवा प्रदाताओं (टीपीएपीएस) पर एक जनवरी 2021 से लागू होगी.

बयान के मुताबिक व्हाट्सऐप बहु-बैंक मॉडल के तहत अपनी यूपीआई सेवाओं को अब शुरू कर सकती है. वह चरणद्ध तरीके से अपने ग्राहकों की संख्या बढ़ा सकती है और इसकी शुरुआत वह दो करोड़ पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के माध्यम से कर सकती है.

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