अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम का अभी तक आधिकारिक रुप से एलान न
हीं हुआ है, लेकिन जो रूझान सामने आ रहे हैं, उसे देख कर साफ लग रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप का दूसरी बार राष्ट्रपति बनने का सपना लगभग टूट चुका है और डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन अमेरिका के अगले राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं.

चुनाव के जो रूझान अभी तक सामने आये हैं, उससे यह सच्चाई सामने आई है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ की वजह से डोनाल्ड ट्रंप को भारी नुक्सान पहुंचा है. ट्रंप को पूरी उम्‍मीद थी कि ‘हाउडी मोदी’ और अहमदाबाद में लाखों की भीड़ को संबोधित करने और नरेंद्र मोदी को बार-बार अपना ‘सबसे अच्छा दोस्त’ बताने के बाद भारतीय समुदाय उनका समर्थन करेग, लेकिन ऐसा हुआ नहीं.

एक रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादातर एशियाई मूल के अमेरिकी मतदाताओं की पहली पसंद जो बाइडन रहे. नैशनल एग्जिट पोल की रिपोर्ट के मुताबिक 64 फीसदी एशियाई अमेरिकी लोगों ने बाइडेन के समर्थन में वोट किया और उनके सिर्फ 30 फीसदी वोट ही ट्रंप को मिले हैं.

अमेरिका में 20 लाख से अधिक भारतीय-अमेरिकी वोटरों को लुभाने के मकसद से डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव प्रचार अभियान प्रबंधकों ने एक वीडियो जारी किया था. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों और ट्रंप के अहमदाबाद के संबोधन के क्लिप शामिल किए थे.

इस साल फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान मोदी और ट्रंप ने अहमदाबाद में भारी भीड़ को संबोधित किया था. इससे पहले मोदी के साथ ट्रंप ने पिछले साल ह्यूस्‍टन में हाउडी मोदी कार्यक्रम में 50,000 से अधिक भारतीय-अमेरिकियों को संबोधित किया था. इन सबकी वजह से ट्रंप को उम्मीद थी कि भारतीय अमेरिकीयों की बड़ी आबादी उन्हें ही वोट देगी, लेकि ऐसा नहीं हुआ.

एशियाई अमेरिकी वोटरों के सर्वे से पता चला है कि भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों ने सबसे ज्‍यादा वोट डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन को दिया है. वहीं वियतनाम मूल के अमेरिकी नागरिकों ने चीन के खिलाफ जोरदार हमला बोलने वाले डोनाल्‍ड ट्रंप का समर्थन किया. चीनी मूल के अमेरिकी वोटरों ने भी सबसे ज्‍यादा डोनाल्‍ड ट्रंप को वोट दिये हैं.

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