पूरे देश को तो नहीं, लेकिन बहुत सारे लोगों को अब यह समझ में आने लगा है कि बीजेपी हिंदु, राम, राम मंदिर के नाम पर इतने सालों से उन्हें बेवकूफ बना रही है. लोगों की आंखें अब खुलने लगी है. जिसका नजारा उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के परिणाम में देखने को मिल रहा है. जहां हिंदुत्व की नगरी अध्योध्या, काशी और मथुरा में बीजेपी को करारी शिकस्त हुई है. इन तीनों जिलों में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को शानदार जीत मिल रही है.

अयोध्‍या में जिला पंचायत की कुल 40 सीटें हैं, जिसमें से 24 पर समाजवादी पार्टी को जीत मिली है. भाजपा के खाते में सिर्फ छह सीट गई हैं. भाजपा से अच्छा प्रदर्शन तो निर्दलीयों ने किया है, जो 12 सीटों पर जीतने में सफल रहे हैं.

प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (काशी) के नतीजे भी भाजपा को डरा रहे हैं. वाराणसी में जिला पंचायत की 40 सीट हैं, जिसमें से सपा ने 14, भाजपा ने 8, अपना दल (एस) ने तीन, आम आदमी पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने एक-एक सीट पर कब्‍जा किया है. जबकि तीन पर निर्दलीय जीते हैं.

मथुरा को श्रीकृष्ण की धरती कही जाती है. यहां भी बीजेपी ने अयोध्या वाला नाटक शुरू किया है. इसके बावजूद पंचायत चुनाव में उसे जिल्लत भरी हार का सामना करना पड़ा है.

मथुरा में बसपा ने 12 सीटें और आरएलडी ने 9 सीट पर जीत दर्ज की है. भाजपा यहां सिर्फ 8 सीट पर जीत हासिल कर पाई है. सपा ने एक सीट तो तीन पर निर्दलीय अपना परचम लहराने में सफल रहे हैं.

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