हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोमवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरललाल खट्टर से कहा कि करनाल जैसे कार्यक्रम के आयोजन के बजाय वह नए कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए केंद्र को मनाएं. एक सवाल के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के खिलाफ कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लाएगी.

बता दें कि आंदोलनकारी किसानों ने रविवार को करनाल के कैमला गांव में ‘किसान महापंचायत’ स्थल पर तोड़फोड़ की थी जहां सीएम खट्टर तीनों विवादस्पद केंद्रीय कृषि कानूनों का ‘‘फायदा” बताने वाले थे.

कांग्रेस नेता हुड्डा ने चंडीगढ़ में संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस तरह की सभा (करनाल में महापंचायत) करने के बजाए उन्हें (खट्टर) दिल्ली जाना चाहिए और केंद्र सरकार को मनाना चाहिए और उनसे कहना चाहिए कि ये कानून किसानों के हित में नहीं हैं.” पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा नीत राज्य सरकार से कहा कि वह किसानों के साथ किसी तरह के विवाद से बचे जो कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘राजनीति में अहंकार के लिए कोई जगह नहीं है. सरकार को विवाद से बचना चाहिए और ऐसा कुछ नहीं कहना चाहिए जिससे लोग भड़क जाएं.” हुड्डा ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण है.

राष्ट्रीय लोकदल (आईएनएलडी) के विधायक अभय सिंह चौटाला द्वारा हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस राज्य में भाजपा-जजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी. उन्होंने कहा, ‘‘अगर उन्होंने (चौटाला) इस्तीफा दिया तो वह सरकार का सहयोग करेंगे.” चौटाला ने सोमवार को हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा कि अगर केंद्र 26 जनवरी तक अपने तीन कृषि कानूनों को वापस नहीं लेता है तो इस पत्र को विधानसभा से विधायक के तौर पर मेरा इस्तीफा माना जाना चाहिए.

आप इस स्टोरी के बारे में कुछ कहना चाहते हैं?