कोरोना की दूसरी लहर ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. रविवार को देश में कोरोना के 2.61 लाख नए मामले सामने आए. यह लगातार चौथा दिन है जब देश में एक दिन में महामारी के दो लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं.

कोरोना के मामले बढ़ते ही दिल्ली सहित 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऑक्सीजन सिलेंडर, कोरोना वैक्सीन और जीवनरक्षक रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग बढ़ गई है. भारत में कोविड-19 रोगियों की संख्या 1.50 करोड़ और मृतकों की संख्या 1.75 लाख के करीब पहुंचने के नजदीक है.

हालत यह हो गई है कि देश भर में कोरोना के मरीज और उनके रिश्तेदार अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, कोरोना वैक्सीन और रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए दर-दर भटक रहे हैं. कई मरीजों की मौत तो अस्पताल के बाहर भर्ती होने के इंताजर में ही हो गई है. देश की पूरी स्वास्थ्य परिसेवा चरमरा गई है. सरकार ने देश में मूर्तियां बनाने में जितना खर्च किया, अगर उतना खर्च स्वास्थ्य क्षेत्र पर किया जाता तो आज काफी लोगों की जान बच सकती थी.

इतनी खराब हालत होने के बावजूद देश का प्रधानमंत्री बंगाल में चुनाव प्रचार में व्यस्त है. हालत यह हो गई है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को जब राज्य में ऑक्सीजन की सप्लाई के सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन के जरिये संपर्क करने की कोशिश की तो उन्हें बताया गया कि प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, इसलिए उनसे बात नहीं हो सकती है.

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