हैवानियत की शिकार हुई उत्तर प्रदेश के हाथरस की दलित लड़की आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई. हैवानों ने गैंगरेप के बाद उसकी जीभ काट दी थी, ताकि वो किसी को उनका नाम न बता सके. उसकी रीढ़ की हड्डी भी तोड़ दी गई थी.

पिछले 14 सितंबर को हुई इस वारदात के बाद वह एक हफ्ते से ज्यादा बेहोश रही थी. दो हफ्ते से वो अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती थी. सोमवार को हालत ज्यादा खराब होने के बाद गैंगरेप पीड़िता को इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था. जहां मंगलवार की सुबह लगभग चार बजे उसने दम तोड़ दिया.

हाथरस के चंदपा थानांतर्गत गांव में 14 सितंबर को स्वर्ण जाति के चार नौजवानों ने 19 साल की दलित लड़की के साथ बाजरे के खेत में गैंगरेप किया था. अपनी आदत के मुताबिक यूपी पुलिस ने इस मामले में भी लापरवाही भरा रवैया अपनाया और रेप के आरोपियों को बचाने की भरसक कोशिश की. पुलिस ने रेप की धाराओं में केस ना दर्ज करते हुए छेड़खानी के आरोप में एक युवक को हिरासत में लिया था.

घटना के 9 दिन के बाद पीड़िता जब होश में आई तो उसने अपने साथ हुई आपबीती बताई. जब पीड़िता का डॉक्टरी परीक्षण हुआ तो इसमें गैंगरेप की पुष्टि हुई. मामला तूल पकड़ गया. विपक्षी पार्टियों ने हंगामा शुरू कर दिया. तब जा कर हाथरस पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया

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