सोनिया पर टिप्पणी मामले में अर्णब को सुप्रीम कोर्ट से राहत, अग्रिम जमानत के लिए अपील कर सकेंगे

नई दिल्ली

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ कथित तौर पर लाइव टीवी पर अपमानजनक टिप्पणी करने और साम्प्रदायिकता फैलाने के आरोप को लेकर दर्जनों एफआईआर के खिलाफ रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। टीवी संपादक अर्णब की ओर से दायर याचिका पर आज (शुक्रवार) को सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने अर्णब गोस्वामी को फौरी राहत दी और गिरफ्तारी पर तीन सप्ताह तक रोक लगा दी।

गोस्वामी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल ने अपने टीवी प्रोग्राम में पालघर की घटना में पुलिस के गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर सवाल खड़े किए। श्री रोहतगी ने कहा कि पालघर में 12 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में 200 लोगों की भीड़ ने दो साधुओं की हत्या कर दी, किसी ने पूरी वारदात की वीडियो बना ली, पर दु:ख की बात यह है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही कि मानो इस अपराध में उनकी मिलीभगत हो।

रोहतगी ने दलील दी कि उनके मुवक्किल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की खामोशी पर सवाल खड़े किए थे कि मरने वाले अगर अल्पसंख्यक समुदाय के होते तो क्या तब भी वह खामोश रहती। उन्होंने दलील दी कि कांग्रेस के लोगों ने एक ही मामले में कई राज्यों में मुकदमें दर्ज करवाए, जो राजनीति से प्रेरित हैं। उन्होंने सभी प्राथमिकी रद्द करने की मांग भी की।

आप इस स्टोरी के बारे में कुछ कहना चाहते हैं?