जब से यूपी में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने है तब से लगातार उत्तरप्रदेश में मॉब लिचिंग की घटनाएं बढ़ने के साथ साथ जाति धर्म संप्रदाय के खिलाफ भी विशेष लोगो के द्वारा सार्वजनिक रुप से जहर उगला जा रहा हैं, कानून व्यवस्था यूपी के बिल्कुल ही चरमरा चुकी है फिर भी कुछ मीडिया चैनलो के मुताबिक योगी आदित्यनाथ नंबर वन मुख्यमंत्री हेै लेकिन इस बीच मे एक खबर आ रही हैं जहा मॉब लिचिंग के कारण मौत हुई हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक मॉब लिंचिंग की घटना सामने आई है। यहां एक गांव में चोरी के शक में 32 वर्षीय व्यक्ति को कथित तौर पर भीड़ ने पेड़ से बांधकर उसकी बेरहमी से पिटाई की। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शुक्रवार को हमलावरों में से कुछ लोग इसमें बस मजे लेने के लिए शामिल हो गए और पीड़ित के साथ मोबाइल कैमरों के लिए पोज दिए जबकि बासिद खान को बेरहमी से पीटा जा रहा था। बाद में पता चला कि बासिद एक शराबी था लेकिन चोर नहीं था। बासिद को पुलिस के हवाले कर दिया गया जिसने उसे रिहा कर दिया क्योंकि कोई भी उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए आगे नहीं आया। उसका परिवार उसकी हालत को देखते हुए उसे अस्पताल ले गया जहां अगले दिन आंतरिक रक्तस्राव से उसकी मौत हो गई। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश पांडे ने पत्रकारों को बताया कि, मुझे एक वीडियो मिला है जिसमें बासिद एक पेड़ से बंधा हुआ दिखाई दे रहा है और स्थानीय लोग उसकी पिटाई कर रहे थे। हम घटना के वीडियो के जरिए आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। शरीर पर चोटों के निशान नहीं है। मौत के कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा।

बासिद की मां ने पत्रकारों से कहा, लोग मेरे बेटे को मजे के लिए पीट रहे थे। पुलिस उसे रिक्शा से घर छोड़ गई और बासिद बहुत दर्द में था। हम उसे अस्पताल ले गए, लेकिन वहां उसकी मौत हो गई।

आपको बताए कि यूपी की कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने कई बार जमकर योगी आदित्यनाथ की आलोचना की है विपक्ष के साथ साथ बीजेपी खुद के भी कुछ विधायकों ने कानून व्यवस्था के लचर होने के कारण नाराजगी जताई हैं।

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