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पिछले कुछ साल के अंदर देश में एक नई परंपरा शुरू हुई है, जो भी मोदी सरकार और बीजेपी के खिलाफ आवाज उठाये, उसे देशद्रोही घोषित कर दो. सरकार और भगवा खेमे की इस मुहिम को चलाने की जिम्मेदारी मीडियो को सौंपी गई है, जो पिछले कई दिनों से किसानों के आंदोलन को खालिस्तानी आंदोलन साबित करने में लगा हुआ है. मुसलमान, छात्र, वामपंथी, बुद्धिजीवी तो पहले ही देशद्रोही की तालिका में शामिल हो चुके थे, अब कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज उठाने वाले अन्नदाता किसान भी देशद्रोही बना दिये गये हैं. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने किसान आंदोलन के पीछे खालिस्तानियों का हाथ होने का दावा किया है.

शनिवार को हरियाणा के सीएम मनोहरलाल खट्टर ने दावा किया कि हमारे पास इनपुट है कि कुछ अवांछित तत्व इस भीड़ के अंदर आए हुए हैं. हमारे पास इसकी रिपोर्ट्स है. अभी इसका खुलासा करना ठीक नहीं है.

दरअसल पंजाब में किसानों के आंदोलन के बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. वीडियो में एक सिख किसान ने एक न्यूज चैनल के रिपोर्टर के सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘हमने तो इंदिरा ठोक दी फिर ये मोदी क्या चीज है…. पहले से ही किसान आंदोलन को देशविरोधी आंदोलन साबित करने में लगे मीडिया और बीजेपी को इस वीडियो के रुप में एक हथियार मिल गया है. इसके आधार पर अब मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति भी किसानों को आतंकवादी बता रहा है.

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