जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बीजेपी पर निशाना साधा है. मुफ्ती का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी अपना एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना चाहती है, जहां लोकतंत्र के लिए कोई जगह ना हो.

बीजेपी पर आरोप लगाते हुए मुफ्ती ने कहा कि ये मुसलमानों को ‘पाकिस्तानी’, सरदारों को ‘खालिस्तानी’, एक्टीविस्टों को ‘अर्बन नक्सल’ और स्टूडेंट्स को ‘एंटी नेशनल’ और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ कहते है. ऐसे में मैं यह नहीं समझ पा रही हूं कि अगर हर कोई आतंकवादी और एंटी-नेशनल है तो इस देश में हिंदुस्तानी कौन है? क्या सिर्फ बीजेपी के लोग ही हिंदुस्तानी हैं?

मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में हो रहे डीडीसी चुनावों का भी जिक्र करते हुए कहा कि जब हमने डीडीसी चुनाव में भाग लेने का फैसला किया तो जम्मू-कश्मीर में उत्पीड़न बढ़ गया. हमारे उम्मीदवारों को सीमित कर दिया गया हैं और उन्हें चुनाव प्रचार के लिए बाहर जाने की अनुमति नहीं है. अगर उन्हें वोट मांगने की अनुमति नहीं मिलेगी, तो उम्मीदवार चुनाव कैसे लड़ेंगे?

उन्होंने अनुच्छेद 370 की बात करते हुए कहा कि जब तक कश्मीर मसला हल नहीं हो जाता, समस्या बनी रहेगी. जब तक वे धारा 370 को बहाल नहीं करते तब तक समस्या का समाधान नहीं होगा. मंत्री आएंगे और जाएंगे. बस चुनाव करा देना ही समस्या का कोई हल नहीं है.

बीजेपी पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वो मेरी पार्टी पर प्रतिबंध लगाना चाहते हैं, क्योंकि मैं अपनी आवाज उठाती हूं. मुझे बार-बार बताया जाता है कि धारा 370 के बारे में मेरी रिहाई के बाद से ही बात हो रही है लेकिन मैं इसके बारे में क्या कर सकती हूं.

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