प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक नीति की लगातार पोल खुल रही है पहले चीन तो अब नेपाल लगातार भारतीय क्षेत्र की जमीन पर कब्जा कर रहे है लेकिन फिर भी देश का मीडिया सरकार का बीच बचाव कर रहा है अब आलम ये हो चुका है कि नेपाल जैसे देश भी भारत को लाल आंख दिखा रहे हैं।

एक तरफ चीन लद्दाख में पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है. उसके 40 हजार सैनिक अभी भी वहां मौजूद हैं. दूसरी तरफ भारत का सबसे करीबी दोस्त नेपाल भी चीन के रास्ते पर चल निकला है. भारत-नेपाल सीमा भी अब भारत-चीन सीमा का मंजर पेश कर रहा है.

बुधवार को नेपाली नागरिकों ने चम्पावत जिले के टनकपुर के पास ब्रह्मदेव स्थित नोमैंस लैंड के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया. भूमि विवाद सुलझाने के लिए गुरुवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई, लेकिन इस बातचीत का कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है. नेपाली नागरिक एक कदम भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.

सूत्रों के मुताबिक नेपाली नागिरकों की इस हरकत को पीछे से नेपाल का समर्थन हासिल है. नेपाली अधिकारियों ने बातचीत में कब्जा हटाने का आश्वासन तो दिया है, लेकिन इशारों-इशारों में वो ये भी कह रहे हैं कि विवादित जमीन नेपाली नागरिकों की ही है.

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