एआईएमआईएम अध्यक्ष चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि अगर देश में नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) बनाने का शेड्यूल तय हो चुका है तो इसके विरोध का फाइनल शेड्यूल भी तैयार होना तय है.

ओवैसी ने NPR से संबंधित एक खबर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ट्वीट कर कहा, “एनपीआर एनआरसी की तरफ पहला कदम है. भारत के गरीबों को इस प्रक्रिया में मजबूर नहीं किया जाना चाहिए जिसके परिणामस्वरूप उन्हें ‘संदिग्ध नागरिक’ के रूप में चिंहित किया जा सकता है. यदि एनपीआर के काम के शेड्यूल को अंतिम रूप दिया जा रहा है, तो इसका विरोध करने के लिए कार्यक्रम को भी अंतिम रूप दिया जाएगा.”

एआईएमआईएम अध्यक्ष ने जिस खबर पर अपनी यह प्रतिक्रिया दी है, उस खबर के मुताबिक देश के महारजिस्ट्रार के दफ्तर में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के लिए प्रश्नावली या कार्यक्रम को फाइनल रूप दिया जा रहा है लेकिन 2021 के पहले चरण की जनगणना की संभावित तारीख अभी सामने नहीं आ सकी है.

बता दें कि 13 से राज्यों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने NPR को NRC और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के साथ लिंक करने का विरोध किया है. एनडीए में शामिल कई दल भी इसका विरोध कर रहे हैं.

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