सत्ता की हवस इंसान को किसी भी स्तर पर ले जा सकती है, जिसकी वर्तमान में ताजा मिसाल पेश कर रही है भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी). जो कुर्सी हासिल करने के लिए हर सही-गलत तरीका अपनाने पर तुली हुई है. मध्य प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र और बिहार विधानसभा चुनाव बीजेपी की सत्ता की हवस को साबित करने के लिए काफी हैं. अब देश में शायद ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि किसी नगर निगम के चुनाव में प्रचार करने के लिए देश का प्रधानमंत्री मैदान में उतरने वाला है.

हैदराबाद नगर निगम के चुनाव होने वाले हैं. नगर निगम की 150 सीटों के लिए 1 दिसंबर को वोट डाले जायेंगे. पिछले चुनाव में सिर्फ 4 सीटें जीतने वाली बीजेपी इस बार नगर निगम पर कब्जा जमाने का सपना देख रही है, जिसके लिए उसने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. इसके लिए मोदी मंत्रिमंडल के बड़े-बड़े मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता हैदराबाद में प्रचार कर रहे हैं.

स्मृति ईरानी, प्रकार जावड़ेकर, तेजस्वी सूर्या के बाद अब बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चुनाव प्रचार के लिए हैदराबाद जाएंगे. कहा जा रहा है कि बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार को पीएम नरेंद्र मोदी भी हैदराबाद जा सकते हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को भी बीजेपी स्‍टार प्रचारक के रूप में मैदान में उतारने वाली है.

सभी चुनावों की तरह बीजेपी ने हैदारबाद नगर निगम चुनाव को भी हिंदू-मुसलमान के बीच बांट दिया है. एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को मोहम्मद अली जिन्ना बताया जा रहा है और उनकी पार्टी को पड़ने वाले वोट को पाकिस्तान को वोट दिये जाने के बराबर बताने की बीजेपी कोशिश कर रही है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बंडी संजय कुमार तो धमकी दे चुके हैं कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो ओल्ड सिटी इलाके (पुराने हैदराबाद) में रहने वाले घुसपैठियों पर वह ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करेंगे. बता दें कि पुराना हैदराबाद मुस्लिम बहुल इलाका है. इसलिए प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष की इस धमकी को सीधे मुसलमानों को धमकी माना जा रहा है.

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