मोदी और केजरीवाल सरकार, बीजेपी, बीजेपी की आईटी सेल और तमाम भगवा संगठनों ने जिस शाहीन बाग के आंदोलन को बदनाम करने के लिए तमाम हत्कंडे अपनाये. मोदी सरकार की शह पर दिल्ली पुलिस दिल्ली में हुए दंगे को शाहीन बाग में हुए नागरिकता कानून (सीएए) विरोधी आंदोलन से जोड़ रही है. आज उसी शाहीन बाग आंदोलन और इसमें हिस्सा लेने वालों को पूरी दुनिया सलाम कर रही है.

इस साल नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान एक नाम की चर्चा बार-बार हुआ करती थी, ये नाम था बिल्‍किस बानो का, जिसे सभी लोग सम्मान से दादी कहा करते हैं. अब दादी का नाम दुनिया के प्रतिष्ठित ‘टाइम मैग्जीन’ के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में शामिल किया गया है.

82 साल की बिल्किस दादी ने सीएए के खिलाफ शाहीन बाग में चले धरना प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. प्रदर्शन के दौरान वो जाना-पहचाना चेहरा थीं. उन्होंने कई बार मीडिया से कहा था कि सरकार जब तक नागरिकता संशोधन कानून को वापस नहीं लेगी, तब तक वह शाहीन बाग में धरना प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगी. उनके इस जज्बे को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल गई है.

मजे की बात ये है कि टाइम मैग्जिन ने दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की जो लिस्ट जारी की है, उसमें शाहीन बाग की दादी के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं. बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना को भी इसमें जगह दी गई है.

नरेंद्र मोदी की सरकार ने ही नागरिकता संशोधन कानून पास किया था. जिसमें मुसलमानों को नजरांदाज कर बाकी सभी धर्मों को भारत की नागरिकता लेने की छूट दी गई है. इसी विवादित कानून के खिलाफ 82 साल की एक बुजुर्ग कमर कस कर मैदान में उतरती है और आज दुनिया उनकी इस लड़ाई को सलाम कर रही है, जो एक तरह से सरकार और प्रधानमंत्री के मुंह पर एक जोरदार तमांचा है.

आप इस स्टोरी के बारे में कुछ कहना चाहते हैं?