एक तरफ तो कोरोना महामारी और लॉकडाउन ने ऐसी कमर तोड़ी है कि करोड़ों लोगों का रोजी-रोजगार खत्म हो गया है. अब उस पर से महंगाई मारे जा रही है. सबसे ज्यादा तो आलू और प्याज के दाम लोगों को रुला रहे हैं. प्याज के दाम तो देश के कई इलाकों में 150 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गये हैं. कोरोना महामारी और आसमान छूती महंगाई के बीच बिहार विधानसभा का चुनाव होने जा रहा है. राष्ट्रीय जनता दल नेता और महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव अपने चुनाव प्रचार में लगातार महंगाई, बेरोजगारी और कमजोर अर्थव्यवस्था का मुद्दा उठा रहे हैं. प्याज के बढ़ते दाम को लेकर सोमवार को तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी पर जोरदार हमला बोला.

प्याज की आसमान छूती कीमत का विरोध कर रहे तेजस्वी यादव मीडिया के सामने प्याज की माला लेकर आ गए थे. इस मौके पर उन्होने कहा कि महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा है. बीजेपी के लोग प्याज की माला पहनते थे. अब यह 100 रुपए किलोग्राम के पास पहुंच रहा है. बेरोजगारी है, भुखमरी बढ़ रही है छोटे व्यापारी बरबाद हो रहे हैं, गरीबी बढ़ रही है, जीडीपी गिर रही है. हम आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं.

मंहगाई के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरते हुए तेजस्वी यादव ने सवाल पूछा कि वह बढ़ती महंगाई पर चुप क्यों हैं, उनके मुंह में दही क्यों जमी हुई है?

प्याज के दाम लगभग पूरे देश में 100 रुपये के करीब पहुंच चुके हैं. चेन्नई में तो प्याज लगभग 150 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है. बाजार में हाहाकार मची हुई है. लोग बेहद परेशान हैं. वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ता मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार देख रहे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को दावा किया था कि किफायती मूल्य पर प्याज उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं. हालांकि मोदी सरकार के उठाये हुए यह कदम अभी तक किसी को नजर नहीं आये हैं.

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