नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम के प्रमुख डेविड बियस्ली ने बुधवार को आगाह किया कि युद्ध प्रभावित यमन ‘आकाल’ के मुहाने पर खड़ा है. उन्होंने अन्य देशों से करोड़ों डॉलर की मदद करने की अपील की है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बियस्ली ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के आंतरिक विश्लेषण के मुताबिक अकाल वास्तविक है और चेतावनी के संकेत सामने आ रहे हैं, ये संकेत पीले रंग की श्रेणी में नहीं है बल्कि लाल रंग के हैं.

उन्होंने कहा कि यमन में तबाही की उल्टी गिनती शुरू हो गई है और अगर हमने इस पर ध्यान नहीं दिया, तो कोई शक नहीं है कि अगले कुछ महीनों में यमन अकाल की चपेट में आ जाएगा. उल्लेखनीय है कि यमन में संघर्ष की शुरुआत ईरान समर्थित हूती शिया विद्रोहियों द्वारा 2014 में राजधानी सना पर कब्जे के साथ हुई थी.

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