केंद्र की मोदी सरकार की तारीफ अक्सर मीडिया करती रहती है मीडिया के अनुसार पीएम मोदी की वैश्विक नीति से देश का डंका विश्वभर मे बजता है लेकिन भारत नेपाल चीन विवाद ने इसकी पोल खोल दी है नेपाल जैसे देश भी अब भारत को लाल आंख दिखाकर बात कर रहे है पिछले कुछ दिनो से लगातार भारत नेपाल विवाद चल रहा है जिसके बाद से कई बार नेपाल ने गोलीबारी की है भारतीय नागरिको आज एक बार फिर से ये घटना सामने आयी हैं।

नेपाल पुलिस ने एक बार फिर दुस्साहस दिखाते हुए एक भारतीय युवक को गोली मार दी है. पिछले दिनों सीतामढ़ी में एक भारतीय को नेपाली पुलिस ने गोली मारी थी, जिसमें उसकी मौत हो गई थी. अब कुछ ऐसा ही मामला किशनगंज स्थित बॉर्डर पर हुआ है.

भारत और नेपाल के संबंधों में पिछले दिनों खटास बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है. किशनगंज जिले से जो ताजा खबर आ रही है. उसके मुताबिक टेढ़ागाछ प्रखंड के फतेहपुर स्थित भारत नेपाल बॉर्डर पर नेपाल पुलिस ने भारतीयों पर फायरिंग किया है. जिसमें एक युवक को गोली लग गई है और फिलहाल उसका इलाज चल रहा है. बताया जा रहा है कि भारत नेपाल सीमा पर पहले की तरह है. तीन युवक खेत की तरफ गए थे और इसी दौरान नेपाली पुलिस ने फायरिंग कर दी.

ग्रामीणों के मुताबिक नेपाली पुलिस के गोली से घायल हुए 25 साल के जितेंद्र कुमार सिंह और उनके दो साथी अंकित कुमार सिंह और गुलशन कुमार सिंह घायल हुए हैं. शनिवार की रात लगभग 7:30 बजे अपने मवेशी को तलाशने बॉर्डर के इलाक़े में गए थे और खेत में मवेशी तलाशते अवस्थी नेपाल पुलिस की तरफ से अचानक फायरिंग कर दी. जितेंद्र कुमार सिंह को नेपाल पुलिस की गोली लगी जिसके बाद उसके साथ ही उठाकर अस्पताल ले गए. स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस और 12 वीं बटालियन के एसएसबी फतेहपुर सेक्शन को दी है घटना के बाद से बॉर्डर पर तनाव का माहौल है.

एसएसबी 12 वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट वीरेंद्र चौधरी ने नेपाल पुलिस की तरफ से गोली चलाने की पुष्टि की है. उनका कहना है कि नेपाल पुलिस की फायरिंग में युवक जितेंद्र कुमार सिंह के कंधे में गोली लगी है और उसका इलाज टेढ़ागाछ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा था हालांकि बाद में उसकी खराब स्थिति को देखते हुए इलाज के लिए पूर्णिया भेजा गया.

इस तरह की घटना अब आम हो चुकी है हाल ही मे राहुल ने विडियो संदेश मे कहा था कि पीएम मोदी ने विदेश घूमने को ही विदेश नीति समझ लिया था जिसका खामियाजा अब पूरा देश भुगत रहा हैं।

आप इस स्टोरी के बारे में कुछ कहना चाहते हैं?