महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बीजेपी को खुलेआम चैलेंज किया है. उन्होंने कहा कि मैं संयमी हूं, नामर्द नहीं. अगरी इसी तरह से हमारे लोगों पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए हमला जारी रहा तो हम एक का बदला दस से लेंगे. महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी सरकार की वर्षगांठ पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम उस रास्ते पर चलना नहीं चाहते हैं, लेकिन हमें मजबूर मत करो.

बता दें कि इसी हफ्ते ईडी ने शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक के ठिकानों पर छापेमारी की थी और उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया था. शिवसेना के और भी कई नेताओं को ईडी ने नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है. उससे पहले सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में मुख्यमंत्री के बेटे और राज्य के मंत्री आदित्य ठाकरे पर निशाना साधा गया था. इन घटनाओं से शिवसेना प्रमुख काफी नाराज हैं. शिवसेना ने आरोप लगाया है कि ये कार्रवाइयां महाराष्ट्र की सरकार को अस्थिर करने के लिए की जा रही हैं.

उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ईडी आदि का दुरुपयोग करके दबाव बनाओगे तो यह मत भूलो कि तुम्हारे भी परिवार और बच्चे हैं. उद्धव ने कहा कि हम में संस्कार है, इसलिए संयम बरत रहे हैं. मैं शांत हूं, संयमी हूं लेकिन नामर्द नहीं हूं. जिस तरप से हमारे लोगों के परिजनों पर हमले शुरू हुए हैं, ये तरीका महाराष्ट्र का नहीं है. अगर हम पर हावी होने की कोशिश करने वाले हमारे परिवार या बच्चों पर आना चाहते हैं, तो याद रखें उन लोगों के भी परिवार और बच्चे हैं. और, आप भी धुले चावल नहीं हो. तुम्हारी खिचड़ी कैसे पकानी है, वो हम पका सकते हैं.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सीबीआई का दुरुपयोग करने लगे तब उस पर नकेल लगानी पड़ी. क्या ईडी और सीबीआई पर राज्य का अधिकार नहीं है? हम देते हैं नाम, हमारे पास हैं नाम. माल-मसाला पूरी तरह से तैयार है, लेकिन बदले की भावना रखनी है क्या? फिर जनता हमसे क्या अपेक्षा रखेगी. बदले की भावना से ही काम करना है तो तुम एक बताओ, हम दस बताएंगे.”

उद्धव ठाकरे ने कहा कि मेरी हर हरकत पर नजर है. ज्यादा हावी होंगे तो हाथ धोकर पीछे लग जाऊंगा.

सुशांत सिंह राजपूत मामले को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं उनकी तरफ करुणा भरी नजर से देखता हूं. क्योंकि जिन्हें लाश पर रख कर मक्खन बेचने की जरूरत पड़ती है, वे राजनीति करने के लायक नहीं हैं. दुर्भाग्य से एक युवक की जान चली गई. उस गई हुई जान पर आप राजनीति करते हो? कितने निचले स्तर पर जाते हो? यह विकृति से भी गंदी राजनीति है. जिसे हम मर्द कहते हैं, वो मर्द की तरह लड़ता है. दुर्भाग्य से एक जान चली गई, उस पर अलाव जलाकर आप अपनी रोटियां सेंकते हो? यह आपकी औकात है?

उद्धव ठाकरे ने लव जिहाद को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि राजनीति में भी लव जिहाद का कॉन्सेप्ट लागू क्यों नहीं होना चाहिए? उन्होंने कहा कि एक मुस्लिम लड़का, हिंदू लड़की से शादी करता है तो वह इस शादी का विरोध करते हैं. फिर आपने महबूबा मुफ्ती के साथ गठबंधन क्यों किया? नीतीश कुमार? चंद्रबाबू नायडू? विभिन्न राजनीतिक विचारधारा वाली पार्टियों के साथ आपने गठबंधन किया है, क्या यह लव जिहाद नहीं है?

आप इस स्टोरी के बारे में कुछ कहना चाहते हैं?